Osiya Wali Sachhiyay Ma Thari Karta

ओसियां वाली संच्चियाय माँ
(तर्ज : कितना बदल गया इन्सान………)
ओसियां वाली संच्चियाय माँ, थांरी करता जय जयकार, थांरो दुनियां में है नाम ।।
मैय्या थांरा टाबर आया, नाच नाच कर भजन सुनाया, विनती सुन लो संच्चियाय माता, मुझ को और समझ नहीं आता, बीच भंवर में फंसी हे नैय्या, कर द्यो बेड़ा पार ।। 1 ।।
छोटा बच्चा जब रोता है, माता उसको दूध पिलाती, बड़ा बच्चा जब रोता है, माता उसको हृदय लगाती, मैं रोता तेरे चरणों में आकर, रख दो सिर पर हाथ ।। 2 11
नवरात्री में सगला थारै, दर्शन करने आवै द्वारै, नवमी नै थारै धोक लगावै, मैय्या थांनै भोग चढ़ावै, ‘भक्त’ थारै मंदिर में, भजन सुणासी हर साल ।। 3 ।।

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