(लय-जय श्री बालाजी महाराज अनोखी थारी झांकी)
मैया भवन में कैसे आऊ,तेरा शेर पहरे पे,
तेरा शेर खड़ा पहरे पे,तेरा शेर खड़ा पहरे पे ,
हम बड़ी दूर से आए,जल भर के सुराही लाएं
मईया चरण मैं कैसे धुलाऊँ ,तेरा शेर खड़ा पहरे पे
हम बड़ी दूर से आए लहंगा और चुनरी लाएं मईया चुनरी मै कैसे ओढ़ाऊ, तेरा शेर खड़ा पहरे पे,हम बड़ी दूर से आए,दिया और बाती लाएं
मैया जोत मैं कैसे जगाऊं,तेरा शेर खड़ा पहरे पे
हम बड़ी दूर से आए चंदन और रोली लाएं, मईया तिलक मैं कैसे लगाऊं तेरा शेर खड़ा पहरे पे,
हम बड़ी दूर से आए, हलवा और पूरी लाएं, मईया भोग मैं कैसे लगाऊं तेरा शेर खड़ा पहरे पे ,
मईया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पहरे पे