“Meri Jholi Bhar Dijiye

मेरी झोली भर दीजिये
(तर्ज : तुतक तुतक तुतीया)
मेरी झोली भर दीजिये, शेरांवाली माँ, मेरा काम कर दीजिये, शेरावाली माँ ।।
मैं आया हूँ शरण तुम्हारी, मुझ को गले लगाना, सारी दुनियां ने ठुकराया, तुम तो ना ठुकराना, अपनी शरण में ले लीजिये, शेरावाली माँ.
तुम हो मेरी मात भवानी, तेरी महीमा गाऊं, छोड़ तेरे चरणों को मैय्या, आज कहां मै जाऊं, सिर पे हाथ धर दीजिये, शेरावाली माँ.
सारी दुनियां छोड़ के मैय्या, आया तुझे मनाने, तँ जाने या मैं जानूं इसे, और ना कोई जाने, दुःखडे दूर कर दीजिये, शेरावाली माँ….
जब से तेरा प्यार मिला, खुशियां ही खुशियां छाई, “भक्तो के” सूने जीवन में, बजने लगी शहनाई, बेड़ा पार कर दीजिये, शेरावाली माँ…….. 

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