Sarsvati Vandana, सरस्वती वंदना

प्रथम वंदना गुरु करा, द्वितीय मनाया गणेश,
शारदा का करें सिमरन, मेंरे कंठ करो प्रवेश 

देवी विद्या की

(तर्ज : धरती धोरां री…..)
देवी विद्या की – 3
माता सरस्वती गुण गाऊँ, तेरे चरणों शीष झुकाऊँ तुम से बुद्धि का वर चाहूँ, देवी. 11
वेद पुराण तेरा यश गाये-2 तेरी महिमा वरणी ना जाये, तेरे श्वेत कमल मन भाये, देवी. 11111
वीणा वादिनी नाम तुम्हारा हंस वाहिनी नाम भी प्यारा, खूब बहाओ ज्ञान की धारा, देवी. 2 11211
सात स्वरों की देना मिक्षा-2 मत लेना तुम कठिन परीक्षा गीत संगीत की देना शिक्षा, देवी. 11311
मेरा बुद्धि बल बढ जाए-2 सोया ज्ञान केन्द्र जग जाए, “भक्त” तेरी महिमा गाए, देवी……..।।4।।

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