Teri Jyot Jalayenge,

तेरी ज्योत जलायेंगे
(तर्ज : सौ बार जन्म लेंगें……).
तेरी ज्योत जलायेंगे, तेरी महिमा गायेंगें, जैसे भी हो मैय्या, हम तुम को मनायेगे।।
तूम दीन दयालु हो, ये जग ने बताया है, जिसे दुनियां ठुकरा दे, उसे गले से लगाया है, हम को भी अपना लो, यही माँ हम चाहेंगें ।। 1 ।।
सिर पाप की गठड़ी है, मैं चल नहीं पाता हूँ, डगमग मेरे पांव करे, तेरे दर जब आता हूँ है आश मुझे मैय्या दरबार में जायेंगे ।। 2 11
इस पार खड़े है हम, उस पर तेरा डेरा मैं आना वाहाँ चाहूँ, वश चलता नहीं मेरा, अब तू ही मुझे समझा, कैसे तुम्हें पायेंगे ।। 3 ।।
जब सब को बुलाया है, फिर क्यों हमें ठुकराया, वो कौन सा अवगुण है, जो आड़े मेरे आया. है “श्याम सुंदर” तेरी, सब बात निभायेगें ।। 4 ।।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top