Teri Jyot Jalaun Din Rat Mera Man Aisa Kare

(लय _, ओ त्रिशला सुत महावीर )

तेरी जोत जलाऊ दिन रात मेरा मन ऐसा करे,
तेरे भवनों में आऊ दिन रात मेरा मन ऐसा करे,
तुम नाव मैं जल बन जाऊ_2, चरणो मे बहु दिन रात ,मेरा मन ऐसा करे 
तेरी बगिया का फूल बन जाऊ, तेरे चरणों में चढ़ू दिन, रात मेरा मन ऐसा करे 
तुम ओढ़ो मैं चुनर बन जाऊ,तेरे आंचल में रहु दिन रात मेरा मन ऐसा करे 
तुम खाओ मैं फल बन जाऊ, तेरे भोग लगाऊं दिन रात मेरा मन ऐसा करे, तेरी जोत जलाऊ दिन रात मेरा मन ऐसा करे

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top