उड़ जा मेरे मन की मैना
(तर्ज : उड़ जा काले……)
उड़ जा मेरे मन की मैना, माँ के भवन को जा,
भूल ना जाना मेरी माँ से, कहना संदेशा, कहना जा के महारानी से, आहें मैं भरता हूँ, तेरी याद में पल पल मैय्या², जीता हूँ मरता हूँ, भवानी कब आओगी, दरश दिखाओगी।।
पलकें बिछाऊं राह में तेरी, इसी राह से आना,
पल भर को ही आ जाना माँ, देर नहीं लगाना,
थम ना जाए सांसे मेरी², रूक ना जाये धड़कन, इससे पहले इन नयनों को, दिखला दो माँ दरशन, भवानी ।।1।।
ममता की कुछ बूंदे अगर, हम भक्तों को मिल जाये, महक उठे माँ रोम रोम, ये मन उपवन खिल जाये,
सावन भादों इन अंखियों से², अविरल बरस रहें हैं, प्यार तेरा पाने के लिए हम, कब से तरस रहे है, भवानी ।।2।।
हीरे जैसा तन ये रतन है, मोती जैसा मन, •
माँ की ममता जिसे मिले ना, वो कैसा जीवन,
जैसे प्राण बिना ये काया², दिल जैसे बिन धड़कन, सूना सूना सा लगता है, माँ के बिना ये जीवन, भवानी ।।३।।