हल्दी बन्नी
(लये- होलिया में उड़े रे गुलाल)
आई गजब की बहार बनो तेरी हल्दी में -२
हो रहे मंगलाचार बन्नो तेरी हल्दी में -२
पहली हल्दी दादी ने लगाई, दादी ने लगाई ,
बन्नी संग खुशिया मनाई
बाबा लुटावे सब प्यार
दूसरी हल्दी मम्मी जी लगावे, मम्मी जी लगावे
सब मंगल गावे, पापा लुटाए सब प्यार
बनी तेरी हल्दी में तीसरी हल्दी भाभीजी लगावे ,
भाभी जी लगावे बन्नी संग नाचे गावे,
भैया लुटावे सब प्यार बनी तेरी हल्दी में में
चौथी हल्दी चाचीजी लगावे-2 ,
संग खुशिया मनाए
चाचा लुटावे सबप्यार बनी तेरी हल्दी में
पांचवीं हल्दी सब सखिया लगावे
सखियां लगावे संग धूम मचाए,
मिलकर लुटाए प्यार बनी तेरी हल्दी में