ऐसी चूंदड लाना भैया
तर्जः (देना है तो दिजिये)
ऐसी चूंदड लाना भैया, मेरे लिए तुम आज-२,
जिसे ओढ के पल में होवे-२, मुझको केवल ज्ञान, ऐसी चूंदड लाना भैया..
१) भक्ताम्बर की सुन्दर झालर, चारो ओर लगाना
तुम, महामंत्र के चौसठ अक्षर, पल्लू में बंधवाना तुम, जिसे ओढ के स्वाध्याय कर लू-२, तेरी बहिना मांगे आज, ऐसी चूंदड लाना भैया..
२) दर्शन ज्ञान करे इस तप की, किनारी लगवाना तुम, आगम के सुन्दर गाथा को, बोडर में छपवाना तुम,
जिसे ओढ के साधना कर लूं-२, तेरी बहिना मांगे आज, ऐसी चूंदड लाना भैया.. 1
३) जिनवाणी का अमृत प्याला, पीना और पिला देना, चूंदड ओढ के गुरूवर के, दर्शन भी करवा देना,
जिसे ओढ के पारणा करलू, तेरी बहिना मांगे आज, ऐसी चूंदड लाना भैया