Mhari Kutiya M Aao Bhagwan Jimau Thane Mijmani

(लय-म्हारे अब के बचाले म्हारी माय बटाऊ आयो लेवणन)

महारी कुटिया में आओ भगवान, जिमावु थाने मिजमानी ऊंचा आसन आप बिराजो सेवा करूं भरपूर
चरण धोय चरणामृत लेऊ हो हो—–२

लेके जी जनम सुधार, जिमाऊं थाने मिजमानी
चावल दाल गंवा का फलका खूब बणायो साग – २. पूड़ी पकोड़ी और कचोरी, मुठडी बनाई मजेदार
जिमाऊ थाने मिजमानी
लाडू पेड़ा और जलेबी फीणी है भरपूर-2
मोती चूर मगद का लाडू हो हो.- 2 खूब बणाया चकनाचूर 
जिमाऊ थान –
शिरो लापसी और मालपुआ चक्की है भरपूर -२
मिठो फीको बन्यो रायतो ,दाख चारोली भरपूर 
जीमाउं थाने मिजमानी 
मीठा चावल राम खिचड़ी, पूरी मसाले दार-२
 अमरस भोजन खूब बनाया केरी को छमक्यो है  अचार जिमाऊं थाने मिजमानी 
 पापड़  और फलिया और करेली मीठी है भरपूर-२
 सटरस भोजन खूब बनाया है छाछ बनाई भरपूर जिमाऊं थाने मिजमानी 
मावो मलको और मिठाई मेवा है भरपूर-२
 दही दुधां शु भरयो कटोरो मिश्री घाली है भरपूर 
जीमाऊ थाने मिजमानी
 ठंडो जल जमुना रो पानी बिरला पान चबाए -३
दास करण ने भक्ति दीजो चरणा में राखो लिपटाए 
जी माउं थाने मिजमानी

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