मायरा सान्ग (लय – आने से उसके आये बहार)
बाजे है ढोल ताशा देखो चौबार
ऱूमक झूमक आया भाई थारे द्वार
हरख बधाई है थारे आंगणे, खुशियाली छाई है थारे आंगणे
बन संबर वीरा आया
झिलमिलाया तारा ,मैं तो चाव सू बैठ लगवाया
तारा री चुनडली ओढो बहना लाया है औढावणे
हरख बधाई है म्हारे आंगणे
आज बीराजीआया मैं तो कुमकुम तिलक लगावा
पाग केसर बंधाया, सगलो परिवार साग ल्याया
आवण री बाटडली बहना निहारे है, चढ़ डागले
हरख बधाई है म्हारे आंगणे
देख नैणा भर आवै,हिवडे प्यार रो सागर लहराये
गीत सोहणा गाया मानो इमारत रस छलकाया
बोली तो प्यारी जी, सुन मनडो झूले म्हारो पालने