BANNO( VIVAH GEET)
चमक्यों चमक्यो सूरज चमक्यो -२ आज म्हारे आंगणे बन्नो घोड़ी चढ्यो, ओ बन्नो घोड़ी चढ्यो
शहनाई मंगल मई बाजे ,हरमन ख़ुशी समायी -२ दादी फूली नहीं समावे ,सबन देव बधाई -२ छळक्यो -२ हरस के सागर दादाजी रे आगने, की बन्नो घोड़ी पर चढ्यो
चाँद सो मुखडो देख बने री बडिया वारि जावे -२ झोली भर भर खुशिया बांटे हरखी मोद मनावे -२
नवल बना रूप निरख कर मायड़ वारि जावे तेज देखबन्ना राजा रो निजरया धोखा खावे ,उमग्यो हेत घणेरो पापाजी र आंगने कि बन्नो घोड़ी चढ्यो
चतुर बन्ना थारी छवि देख भुआ बहिन वारि जावे था पर राइ लून उवारे नजर उतारन आवै ,आयी आयी की खुशिया काकाजी र आंगणे कि बन्नो घोड़ी चढ्यो
नवल बने के कारणे भाभी भागी आवे, जुग जुग जिओ म्हारा देवर लाडला बोल बोल हरसावे ,छाई छायी प्रेम रागिनी कि वीरा जी र आंगणे, कि बन्नो घोड़ी चढ्यो