Bheru Baba Kasht Sab Har Lijiye,

भैरू बाबा कष्ट सब हर लीजिये,
(तर्ज : दिल के अरमां….)
भैरू बाबा कष्ट सब हर लीजिये, मेरे मन में शांति भर दीजिये ।।
तिलक सिन्दूरी सुहाये भाल पर, है चकित सब भूत तेरी चाल पर, हाथ में अब शस्त्रों को ले लीजिये ।। 1 ।।
आपके दरबार में जो आ गया, अपना सारा कष्ट वो कटवा गया, हम रिझायें भैरू बाबा रीझिये ।। 2 11
है सवारी स्वान की तेरी भली, तेरे आगे दुश्मनों की ना चली, दर पे अर्जी है दया कर दीजिये ।। 3 ।।
आस लेकर द्वार तेरे आ गया, द्वार तेरा देख मन हरषा गया, है दरश की आस दर्शन दीजिये ।। 4 ।।
ये “भक्तजन” तेरा दास है, तेरे चरणों का पूजारी खास है, अब तो चरणों में जगह कर दीजिये ।। 5 ।।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top