,(तर्ज दिल के अरमां)
भिक्षु तेरी राह पर हम चल रहे। नाम तेरा हम हमेशा जप रहे ॥
१. जिन्दगी आदर्श की तुम जी गए। कष्ट में भी मुस्कुराते तुम रहे ॥
२. वीर वाणी पर समर्पित तुम सदा ले अटल विश्वास तुम बढ़ते रहे ॥
३. तुम चले जिस ओर मंजिल वह बनी। गीत तेरे आज भी हम गा रहे ॥
४. क्रान्ति की आवाज तुमने जो भरी। धैर्य तेरा आज भी हम सुन रहे ॥
५. खुशनसीबी हम सभी की तुम मिले। दर्शनों की चाह लेकर जी रहे ॥