(लय- फिरकी वाली तू कल फिर आना)
कोका कोला टमाटर आलू छोला, इन सब का त्याग है देखो तपसण के आज उपवास है।
वो मारासा आएं, वो पचखाण कराएं वो मांगलिक सुनाए, इन सब का का ठाठ है देखो तपसण के आज उपवासहै
वो सुसरासा आए, वो सासुजी आए वो चौबीसी सुनाएं, इन सब का ठाठ है, देखो
3
वो जेठसा आए, वो भाभीसा आए वो गीतिका सुनाए, इन सब का ठाठ है देखो
वो बाईसाआए, वो नंदोई सा आए, वो पारणा कराएं इन सब का ठाठ है देखो
5
वो बेटी जमाई आए, वो बेटा बहू आए और शासन सुनाए, इन सब का ठाठ है, देखो
6
को भाई भाभी आए, वो बहन बहनोई आए चुन्दड़ ओढाए ,देखो इन सब का त्याग है,