फरियाद मेरी सुन के
(तर्जः ऐ! मेरे दिल नादान…….)
फरीयाद मेरी सुन के, भोलेनाथ चले आना नित ध्यान धरूँ तेरा, बिगड़ी को बना जाना।।
तुझे अपना समझ कर मैं, फरियाद सुनाता हूँ, तेरे दर पर आकर मैं, नित धूनी रमाता हूँ, क्यों भूल गये बाबा, मुझे समझ के बेगाना।।
फरीयाद मेरी.
मेरी नाव भंवर डोले, तुम ही तो खैवैय्या हो, जग के रखवाले तुम, तुम ही तो कन्हैया हो, कर बैल सवारी तुम, भव पार लगा जाना।।
फरीयाद मेरी.
तुम बिन ना कोई मेरा, अब नाथ सहारा है, इस जीवन को मैनें, तुम पर ही वारा हे, मर्जी है तेरी बाबा, अच्छा नहीं तड़फाना।।
फरीयाद मेरी….
नयनों मैं भरे आंसू, क्यों तरस न खाता है, क्या दोष हुआ मुझ से, मुझे क्यों ठुकराता है, अब मेहर करो बाबा, सुनकर मेरा अफसाना।।
फरीयाद मेरी…