Ghadlo Thham Le Devriya

GHADLO THHAM LE DEVRIYA

 घड़लो थाम ले देवरिया कमर बल खाय ,

 नीम की निमोली महार अंग अड़ जाय, 

अंग अड़ जाय देवरिया घड़लो पड़ जाय 

नीमकी डाली से म्हारी दो घड अड़ जाय 

मेँ तने बरजु देवर लाम्बी मतना लाजे -२ 

कोई आवे रंग -२  महल खुटो सो ऱूप जाय —

कोई देवरियो उतार तो देराणी नट जाय नीम की —

मई तने बरजु देवरओछी  मत ना लाजे -२

कोइ आवे रे-२ रंगमहला टिंडी सी गुड़ जाय नीम की —

म्हे थाने बरजू देवर काली मतना लाजे-२  

कोई आवे रंग महला में अँधियारो छाय जाय नीम की —-

कोई देरानी उतारे तो देवरियो जल जाय 

मेँ तने केउ देवर गौरी -२ लाजे -,२ कोई मेहला में जावे तो

दिवलो सो जग जाय नीमकी निमोली महार ——-  

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