Pachhi Jaba De

 पाछी जाबा दे 

पाछी जाबा दे म्हारे पीहर री सेनाणी ल्याबा दे -२ 

हाथ रा हथफूल म्रहारा  टेवटड़ी रहग्या रे -२ 

मोत्या वाला हार भी पीहर म रह्ग्यो ‘रे पाछी जाबा दे

हाथा रा हाथ फूल थारे और घडास्या ए -२ 

थारे बिना घडी एक मन न लागे ए, कोनी जाबण दा 

साटन वाला लेहंगो म्हारो पिआरिय म रह्ग्यो रे 

तारा जड़ी चुनड़ी बक्से म रहेगी रे, पाछी जाबा दे 

चुनड़ी मंगासा थारे लेहरियो रंगासा ए -२ 

कोई फागणीय में फ़ाग खेलसा ये, कोणी जाबण दू 

संग की सहेल्या महार पिअरीय म रेगी रे -२ 

बालपण का साथिड़ा पियर म रहग्या रे पाछि जाबा दे-२ 

था बीन गौरी म्हारो आंगण सुनो -२ 

कोई महला मेँ  हंस बतलासा ए, कोणी जाबण दा 

थारी पिहरिय री  याद भुलासा ए, कोनी जाबन दा 

  

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