गुलाब गजरो,
नेणा में काजलियो सोहे शीश पे शीश फूल,
हाथा मेहंदी राचणी गजरे का महके फूल.
(राजस्थानी डांस )
(लय – छोटी नणदूली रो ब्याव रचा दे रसिया)
हो म्हारी बनी सा न सोहेजी गुलाब गजरो -२
गुलाब गजरों, फूला को गजरो
म्हारी बनी सां न सोहेजी गुलाब गजरो -२
गजरे में बन्नी म्हारी महक रही है+
कोयल सी आ चहक रही है -2
म्हार बना को मन मोहेजी गुलाब गजरों -2
गुलाब गजरो, फूला को गजरों
म्हारी बनीसा न सोहेजी गुलाबग गजरों
गजरेमे बनड़ी को रूप लुभावे ।
निरख-2 बनों हरषावे
बना की नींद उड़ावे जी गुलाब गजरो
गुलाब गजरों, फूला को गजरो
म्हारी बनी सा न सोहे जी गुलाब गजरो-