झूमर कुल के भाल(तर्ज : ना कजरे की धार)
मां वदनां के लाल, श्री झूमर कुल के भाल । ले कर में शांति मशाल, तुमने ज्योति जलाई है। गुरुवर राह दिखाई है।
१. गरिमामय तेरा जीवन, है जिसकी अकथ कहानी । अभियान तुम्हारे नूतन, कण कण में अमिट निशानी । करे भक्ति, मिले शक्ति, हो जाए मालोमाल ॥
२. विश्वास तुम्हारा श्रम में, ज्योतिर्मय जीया जीवन । तुम मानवता के प्रहरी, है खिलता तेरा गुलशन । चले बढ़ते, कभी न रुकते, तूफां में रहे खुशहाल ॥
३. नयनों में तेरे जादू, वाणी में अमृत धारा। सन्देश अणुव्रत पावन, बदली है युग की धारा। जहां दृष्टि, वहां सृष्टि, संयम का उड़े गुलाल ॥
४. तुम हो करुणा के सागर, समता का है क्या कहना। सीखा है संघर्षों को, हंसते हंसते ही सहना। तेरे कदमों पर बढ़ेंगे, ये शिष्य विनीत मराल ॥