Mahima Shasan Ri

(तर्ज: धरती धोरां री)

महिमा शासण री… भैक्षव गण री गरिमा भारी।
 जागी भाग्य दशा आपांरी। 
फूली फूलां स्यूं फुलवारी ॥
१. तुलसी उपवन नै जीणै रो विज्ञान सरसायो।
 सिखायो । पार समन्दर जश फहरायो ॥
२. जो भी मर्यादा में चालै।
 गुरुवर हाथ पकड़ कर झाले। 
पग पग सारा संकट टालै ॥
३. विनयी बण कर हरदम रहणो। 
गुरु रै अनुशासन में बहणो।
 कष्टां नै समता स्यूं सहणो ॥
४. मुगती रो मारग है झीणो।
 पल पल शान्त सुधारस पीणो।
 सुखमय संयम जीवन जीणो ॥
५. महाप्रज्ञ शासण रा नायक ।
 शाश्वत शिव सुख रा संधायक । 
भक्तां रा है भाग्य विधायक ॥

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