So So Sadhuvad Unhi Ko Tap Se Shakti Jagayi

(तर्ज. माईनी माई मुंडेर पे)
आज हमारे मन आंगन में देखो खुशीया छायी ,
सौ सौ साधुवाद उन्हीं को तप से शक्ति जगाई
1 भिक्षु शासन की बगिया में तप का फूल खिला है, बडे भाग्य से ऐसा नन्दन वन गण हमें मिलाहै
 इस उपवन की-2 ठंडी लहरे चले पवन पुरवाई ,
सौ-सौ–
2
तप के पथ पर चलने वाले सचमुच किस्मत वाले, 
हिम्मत से बढ़‌ने वाले अवसर का लाभ उठाले
 सचमुच तप की 2 सौरभ से महके कलियां अलसाई,
 सौ सौ–
3
मंगल गाएं मोद मनाएं, इस स्वर्णिम अवसर पर 
सोयी शक्ति जगाकर के तप-दीप जलाएं घर-घर
 श्री भिक्षु तुलसी-2 करुणा से, तप की अलख जगाई, सौ-सौ–

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