Manava Hilmil Tapsya Ro Tyohar

मनावां…. हिलमिल सारा आज म्हें तो,
 तपस्या रो त्यौंहार। तपस्या रो त्यौंहार, 
तप है जीवन रो आधार ॥ स्थायी ॥
तप रै मार्ग ऊपर चलणो, बहुत बड़ो है भारी, 
इण पर चलणे स्यूं आवेला, थांरै जीवन में निखार । जीवन में निखार, तप है जीवन रो आधार ॥ 1 ॥
कांटा सो ओ जीवन थांरो, फूलां सो बण ज्यासी, 
यदि करस्यो तपस्या स्यूं थे, थोड़ो सो भी प्यार। 
थोड़ो सो भी प्यार, तप है जीवन रो आधार ॥2॥
बड़ा-बड़ा रोगां री दवाई, तपस्या घणी सान्तरी, 
डूबी नावड़ली भी हो जावेला, तपस्या स्यूं पार। 
तपस्या स्यूं पार, तप है जीवन रो आधार ॥3 ॥
आत्मबल रो तप रै खातिर, दियो जगाणो पड़सी, 
केवै तेयुप सुणल्यो तप ही है, जीवन रो श्रृंगार। 
जीवन रो श्रृंगार, तप है जीवन रो आधार ।।4 ।।
(लय-गावां हिलमिल सारा)

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