Manushy Janm Anmol Re

मनुष्य जन्म अनमोल रे,

 इसे मिट्टी में नही, रोल रे 
अब जो मिला है फिर ना मिलेगा, 

कभी नही कभीनही कभी नही, 

राम नाम तू बोलरे जीवन में रस घोल रे, अब जो मिला है–
तूहै बुलबुला पानीका, मत कर जोर जवानीका, नेक कमाई कर ‌ले रे बन्दे,
पता नही जिंद्‌गानी का सबसे मीठा बोल रे,
 हिल मिल के तू डोल रे ,
अभी जो मिला हैं फिर नहीं मिलेगा कभी नही, कभीनही, कभी नही 
तू सत्संग में जाया ,कर गीत प्रभु के गाया कर,
 शाम सवेरे बैठ के बंदे प्रभु का ध्यान लगाया कर,
 नहीं लगता कुछ मोलरे, हरि नाम अनमोलरे,
 मतलबका संसार है, इसका क्या एत बार है 
संभल संभल के चलना बंदे, फूल नहीं अंगार है
अभी जो मिला है– 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top