(लय- क्या खूब लगती हो)
-दरबार तेरा मैया भक्तो ने सजाया है
पर्वत से चली आओ, भक्तो ने बुलाया है
चन्दन की चौकी पे, अब आन विराजो मां ,कबआओगी मैया मेरा दिल घबरायाहै
तेरी लाल चुनरिया माँ भक्तो ने मंगवाई
अब आके ओढो माँ, भक्तो ने बुलाया है
तेरे हाथों की मेहंदी माँ भक्तो ने मंगाई है
अब आके लगाओ माँ – भक्तों ने बुलाया है
तेरे पैरों की पायल भक्तों ने मंगाई है
अब आ के पहनो मां भक्तों ने बुलाया है,
तेरे छप्पन भोग है मां भक्तों ने बनाया है
आके भोग लगाओ मां भक्तों ने बुलाया है