पल्लो लटके
पल्लो लटके गौरी रो पल्लो लटके -२
जरा सो -३ ऊं-चो लेले गौरी पल्लो भीग जावेलो -२
लाल मंगायो पोमचो जी हरी लगायी कोर
अंगिया रेशम की बनी देदी दादर पे मोर
जरासो जरासो-२ टेढ़ो होजा बालमा म्हारो पल्लो लटके
पल्लो लटके गौरी रो पल्लो लटके
घूँघट म बिजल्या चमकावे गौरी थारी आँख -२,
मत जोबन म आंधी हो री निचे न तो झांक
जरा सो-३ ऊंचो लेले गौरी पल्लो भीग जावेलो
लहंगो घेर घुमेर म्हारी चुनड़ गोटेदार -२
छम छम करती चालू महार पल्ले न फटकार
जरासो -३ टेढ़ो होजा बालमा म्हारो पल्लो लटके
सो मोहरा ऋ अंगिया थारी लाख मोहर रो लहंगो
ज्यादा ऊंचो मत कर लीजे नहीं पड़ेगा मेहंगो
जरासो -३ उनको लेले गौरी पल्लो भीग जावेलो