(लय- मैने पायल है खनकाई )
पावन मंगल बेला आई, घरमें बाज रही शहनाई -२
पावन मगल बेला आई-3
आसी बाबुल को परिवार ,भरने मायरो घणो जोरदार – 2
कदे से मैं बाट निहारु ,रोज अंगना ने बुहारू
साचे दिल से पुकारू होआजा आआआ,
साची, सान्ची प्रीत की रीत निभाजा, आकर हिवड़े धीर बंधाजा
आसी बाबुल को परिवार भरने मायरो धणेो जोरदार 2
ब्याह की शुभ घड़िया आई, आजा अबतो मेरे भाई देर लगावे काई. हो आजा आआआ
ब्याह की शुभ घड़ी आई. -2
बीरा बांध पागडी आइजो, साग लाल चुनड़िया लाइझो आसी बाबुल को परिवार —
राखीकी लाज ब बचायो सोणी सी चुनड़ी लायो
बा बुल को फर्ज निभायो, हो बीरा आआआ
आसी बाबुल को परिवार भरने
वीरो भात मोकलो लायो सासरियों में मान बढायो
आयो पीहर को परिवार,
पावन मंगल बेला आई, घरमें बाज रही शहनाई