(लय – और रंग दे रे ,)नीलघर (मारवाड़ी गीत)
राम जपले रे सियाराम जपले रे – 2
म्हारा बालाजी ने दाय घणो आव रे, राम सिया राम जपले-३
थोड़ो नहीं तो बेशुमार जपले-2
बिगड्या बिन, काम बणजावे रे,
रामसियाराम जपले
मिश्री सो मीठो लागे स्वाद चखले -2
संकट में यो काम घणो आवेरे, राम सियाराम जपले
काल कुण देख्यो भगता आज जपले-2
पायो जन्म सफल होजावे रे, राम सियाराम जपले