(लय- धीरे धीरे बोल कोई सुनना ले)
रमक झमक म्है आया हां मायरो भरणन आया हां -२
चन्दा सी बहना लागे है -२ भाई सगला वारि जावे है
मंगल बेला आई आंगन आज ,गावो मंगल गीत सुरीला साज-२
झूम झूम कर खुशियां मनावा आज, लाड कंवर की नजर उतारा आज
गीत गांवा हां था रे आंगणे,झूमा नाचा हां था रे आंगणे
द्वारे शहनाई बजाई है _२हिवडे में प्रीत गुंजाई है
बीरा आया बांध केसरिया पागल,भावे री चुनड़ी मायड रो प्यार -२
आओ बहिना अब तो आओ पास चुनड़ी ओढ़ाने सगला भाई साथ
तारा जड़ी आयो चुंदड़ी औढो बाईसा आंतों शुभ घड़ी
चंदा भी देख लजावे है -२तारा इमारत बरसावें है
रमक झमक म्हे आया हां —–