(तर्ज – माईन माई मुंडेर पे…)
तप की महिमा अजब निराली, तप जीवन उजियारा
तप गंगा में नहायेगा जो, पाये भव से किनारा
तप गुण गाये हम ॥
१. तप वीरों का आभुषण, तप मुक्ति का महापथ है
मोक्ष नगर ले जाने वाला, तप ही सच्चा रथ है।
तप नौका से मंजिल पायें, तप ही सबल सहारा ।।
२. बाहु बलि धन्ना शान्ति ने तप सम्मान बढ़ाया ।
आहूति दे तपः यज्ञ में मन उपवन सरसाया।
वीर प्रभु ने तप के द्वारा, पाया दिव्य उजारा ।।
३. मासखमण तप के द्वारा, निज जीवन को चमकाया। तपसी जी ने तपस्या करके कुल पर कलश चढ़ाया।
करे कामना बढ़े भावना, चमके भाग्य सितारा ||