( लय- हमे ओर जीने की चाहत न होती)
तपस्या की जिसने ज्योति जलाई शतः शतः बधाई -2
तपस्या है जीवन की अनुपम ज्योति, आत्माएँ इससे पावन होती,
देवो ने तपकी महिमा है गाई, शतः शतः बधाई-2
मन को वश में करना कठिन है?
जिसने किया वो मुक्ति पथिक है
मुक्ती जिसने राह बनाई शत-शतः शतः बधाई-2
महावीर के चरणों में कोटिशय वंदन, तपस्वीयो का करते अभिनन्दन
जीवन में ऐसी शुभ घड़ी, आई शतः शतः बधाई-2
तपस्वी जन के गुण हम गाए,
आत्मा शक्ति का परिचय पाये,
करनी है सबको पुण्य कमाई ,शतः शतः बधाई -2