गौरा आई रे, आंगणिये म्हांरे खुशीयाँ छाई रे*
गौरा आई रे
गौरा आई रे, पिहरीय में तो बांटू बधाई रे*
गौरा आईं रे….
चैत रै महिने सखियाँ, मंगल गीत गावे रे*
पीहरीये मे सोलह दिन, थांरा लाड लडावे रे*
गौरा आई रे….*
भौली भाली प्यारी सूरत, देख हियो हर्षावे रे*
कर सोलह सिणगार आई, मनङो मोहवे रे*
गौरा आई रे…..
बागां मे कोयलडी बोले, मौर पपैया झुमे रे*
ढोल नगाडा चंग बाजे, छौरयां नाचे रे*
गौरा आई रे….
इसरदासजी लेवण नै आसी, दिन तो बित्या जावे रे
घर सुनों हो ज्यासी, जद सासरीये जासी रे*
घर सुनो हो ज्यासी, जद बा पाछी जासी रे
गौरा म्हारी रे…..*
गौरा सागे छौरयां भी सासरीये जासी रे*
गौरा आई रै….*