सूंठ
अदमण सुंठ सवा मण अजवों २ तो आप धमा धम कुटो भंवरजी, ओ धमको कोई लोग सुणलो ।
धमको सुण दाई माई आया तो, नालो कटाई नेग मांग भंवरजी, ओ धमको पांच देवं तो बार दाय न आव तो, पचीस कठ स्यूं ल्यावं भंवरजी, ओ धमको धमको सुण सासुजी आया तो, थाल बजाई नेग मांग भंवरजी, ओ धमको इकावन देव तो बार दाय न आव तो, एकसौ कठ स्यूं ल्यावु भंवरजी, ओ धमको धमको सुण भाभी जी आया तो, पलंग बिछाई नेग मांग भंवरजी, ओ धमको धमको सुण दिवराणी आयी तो, दिवलो संजोई नेग मांग भंवरजी, ओ धमको इक्कीस देवें तो बांर दाय न आवतो इक्कावन कठ स्यूं ल्यावुं भंवरजी, ओ धमको धमको सुण बाइसा आया तो, सथीया पुराई नेग मांग भंवरजी, ओ धमको साड़ी देवु तो बांर दाय न आव तो, बेस कठ स्यूं ल्यावु ओ भंवरजी, ओ धमको धमको सुण देवरीयो आयो तो, लाडु री पांती मांग ओ भंवरजी, ओ धमको … आदो देवु तो बांर दाय न आव तो, सापतो कठस्यूं ल्यावु ओ भंवरजी, ओ धमको … धमको सुण गीतेरण्या आई तो, गीत गवाई नेग मांग भंवरजी, ओ धमको विस्कूट देवु तो बांर दाय न आव तो, गोटा कठ स्यूं ल्यावु ओ भंवरजी, ओ धमको …
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अजवों
थे म्हारा सैलामारु नोकरड़ी सिधावो, चाकरड़ी सिधावो,
अजवों गोरी रो कुण मूलासी ओ राज २।
थे म्हारी सुन्दर गोरी हालरीयो सो जणज्यो र धेनड़ीयो सो जणज्यो,
अजवों म्हारा बाबोजी मुलासी ओ राज २ ।
थांरा रे बाबोजी रो नहीं रे भरोसो नहीं पतीयारो, पांच को मुलाव पचीस रो बताव
र जच्चा राणी रो जीव दूःख पाव ओ राज ।
थे म्हारा सैलामारु बम्बई सीधावो कलकत्ता सिधावो,
अजबों गोरी रो कुण फटकासी ओ राज, अजबों गोरी रो कूण पीसासी ओ राज । थे म्हारी मीरगा नैणी हालरीयो सो जणज्यो र धेनड़ीयो सो जणज्यो,
अजवो म्हारी माऊजी फटकासी ओ राज, अजवों म्हारी भोजायां पीसासी ओ राज ।थारा रे माऊजी रो नहीं रे भरोसो, फटकता ही ढ़ोल र पीसता ही ढ़ोल र जच्चा राणी रो जीव दूःख पासी ओ राज २।
थे म्हारा सैलामारु बजारां सिधावो र आफीसां सीधावो, अजुवों गोरी रो कुण संधासी ओ राज २।
थे म्हारी सुन्दर गोरी हालरीयो सो जणज्यो र धेनड़ीयो सो जणज्यो, अजवों म्हारा काकीजी संधासी ओ राज २ ।
थारा रें काकीजी रो नहीं रे भरोसो, नहीं पतीयारो सांधता ही ढ़ोल र जच्चा राणी रो जीव दुःख पाव ओ राज २ ।
थे म्हारा सैलामारु दुकाना सिधावो २ अजुवों म्हान कुण पकड़ासी ओ राज २। ये म्हारी चन्दा बदनी हालरीयो सो जणज्यो र धेनड़ीयो सो जणज्यो, अजुवों म्हारी बैना पकड़ासी ओ राज, अजवों म्हारी भुवाजी पकड़ासी ओ राज ।
थारा रे भुवा बाई रो किसड़ो भरोसो, नहीं पतीयारो, टाबरीया न देसी र सासरीय पुगासी र जच्चा राणीरो जीव दुःख पासी ओ राज २ थे म्हारी सुन्दर गोरी हालरीयो सो जणज्यो र धेनड़ीयो सो जणज्यो, अजुबों थान म्हें ही पकड़स्यां ओ राज, अजवों थान परद म पकड़ास्यां ओ राज ।
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