Khatdlo( Namkaran)

खाटलडो

खाटलड़ स्यूं उठ सखी, पाटलड़ पग मेल सखी म्हारी सर्व सखी, 
सुरज रो मुख देख सखी सुरज रो मुख देख सखी 
सायब रो सुख देख सखी, म्हारी सर्व 
दाई माई न बेग बुलाय सखी, नाजुक जीव छुड़ाय सखी, म्हारी सर्व 
सासुजी बेग बुलाय सखी, सोहन थाल बजाय सखी, म्हारी सर्व 
सुसरा जी बेग बुलाय सखी, गीगा न घूटी पिलाय सखी, म्हारी सर्व.. 
जेठसा बेग बुलाय सखी, गेरो सो दर्व लुटाय सखी, म्हारी सर्व. 
भाभीसा बेग बुलाय सखी, रथड़ो सो पलंग बिछाय सखी, म्हारी सर्व.. 
देवरजी बेग बुलाय सखी, आंगण तणीयां बंधाय सखी, म्हारी सर्व. 
दिवराणी बेग बुलाय सखी, झबरक दिवलो संजोय सखी, म्हारी सर्व.
बायसा वेग बुलाय सखी, सालांर सथीया पुराय सखी, म्हारी सर्व, 
नाइको वेग बुलाय सखी, बांदरवाल बंधाय सखी, 
म्हारी सर्व. 
पंडितजी बेग बुलाय सखी, गीग रो नाम कडाय सखी, म्हारी सर्व. 
मारुजी बेग बुलाय सखी, मोरां स्य मुठ भराय सखी, म्हारी सर्व गीतेरण्यां बेग बुलाय सखी, गेरा सा मंगल गाय सखी म्हारी सर्व.. 
सुरज रो मुख देख सखी, सायब रो सुख देख सखी ।
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