Ghodi-1
महला में ढोल बाजे, गलीयां म गाजेजी कोई आंगणीय म मंगल गावे, बेना सारी जी।
हरख मनावों जी बागां में फूल खिलिया, कलीयां मुस्कायी जी – २
कोई बागों में दौड़ी दौड़ी आई, भुवा मारी जी ॥
हरखे सुणोजी बाबोजी म्हारी, घोड़ी न बुलाओ जी २ कोई घोड़ी रा दाम बखाने, घोड़ी वालो जी ॥
हरख जैपुर स्यू घोड़ी आई, हद सिणगारी जी २
कोई घोड़ी न निरखण आई, वडीया सारी जी ॥
हरख … हल्दी लगाके बन्ना, तोरण बनावो जी २ कोई दादीजी न बेग बुलावो, म्हारा भुवाजी ॥
हरख मोत्यां रो थाल सजावो, जतन करावो जी- २
कोई बनड़े रे तिलक लगावो, म्हारा भाभी जी ॥
हरख सरपट दौड़ी घोड़ी, समधी र ढूकी जी- २ कोई सगलो ही शहर सरायो, बन्ना प्यारा जी। हरख कोई बनड़ी परण घर आवो, बन्ना प्यारा जी। हरख ***
Ghodi-2
मन म्हारा दादाजी घोड़ी ले द्यो मोल,
बछेरी लेद्यो मोल
घोड़ी चढ़ जाणो सासर जी म्हारा राज ।
घोड़ी चढ़ तोरण बांधणो जी म्हारा राज ॥
थान म्हारा बनड़ा सासरीये रो कोड,
कोई परणीजण रो कोड
कोई घोड़ी फोड़ आंगणो जी म्हारा राज बछेरी फोड़ आंगणों जी म्हारा राज ।
आगण दादाजी काच बीड़ाय, कोई हीरा जड़ाय पिल्छोकड़ हिंगलु ढ़ालीयो जी म्हारा राज ।
इसी तरह बाबा, काका, बीरा सभी का नाम लेगा।
-3
नवल गढ स्यू घोड़ी आई, कंवर लाडले रा दादाजी मुलाई महंगे मोल मुलाव ए पंजाबण घोड़ी
चोडी चड़सी राइबर बनड़ो, बजारां म धूम मचाव ए पंजावण घोड़ी
सासु थारी कर आरतो, आरतो उतार तनीया तोड़ ए पंजाबण घोड़ी
बिकाण शहर स्यू घोड़ी आई कंवर लाडलारा बाबाजी मुलाई मंहगे
से मोल
सात सख्या संग बनड़ी आई, बनड़ न वरमाला पहराव ए पंजाबण घोड़ी बिकाण शहर हर स्यू …
(इसी तरह सभी नाम लेणा)
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, घोड़ी _४
लय- अर्जी हमारी मर्जी तुम्हारी
घुम घुम घोड़ी सजनारी पोली, तेरे लिए बनड़ा रे
आई है तेजनीया रे
सासु थारी आबे आरतो उतारे, छोटी शाली तोड़ लेगी तनीयां रे
आई है तेजनीया रे घुम–
कांके सासु आवै काजल घाले, छोटी शाली तोड लेगी तनीयां रे
सालेली आवे नीमजवारी लावे, छोटीशाली तोड़ लेगी तनीया रे
घुम घुम—
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