बाबा गुसांई जी महाराज का भजन
भीड़ पड़या भगता ने उबारो ! संकट मेटो साई जागो म्हारा गुरुदेव गुंसाई घर धारु ने घर जमो जगायों ! बाई रूपादे आई !!
कोप कियो मेवा का राजा। थाली में बाग लगायो
भीड़ पड़या भगता…..
पांचू पाण्डव माता कुन्ती। गुरु दुर्वाशा आयी। घूना आम लगाया बारने। निवत जीमाया सांई ।।
जागो गुरुवा देव गुसांई….
राजा बलि के आप पधार्या। भूमि नापने ताई । पीठ नाप के देह को बढ़ाया । तीन पावण्डा ताई ।।
जागो गुरुवा देव गुसांई….
टीटोड़ी का बचिया उबासा । रिण भारत के मांई। सांच पकड़ सिवरे माली लिखमोजी डगमग डोले नाही ।।
जागो गुरुवा देव गुसांई….