Charna Thare Shish Namava

-: चरणा म थारै शीश नमावां :-

(लय : नित उठ थांरा म्हे गुण गाव………….)
चरणां मे थारै शीश नमावां,
 पल पल छिण छिण रटन लगावां 
घट म च्यानणियो करद्यो, म्हारा त्रिशला नन्दन, 
जन्म सार्थक करयो, म्हारा प्यारा भगवन् ॥
समता री थे अलख जगाई, संयम री सरिता लहरायी, थांरी करुणा भायी हो, म्हारा त्रिशला नन्दन, 
घट म च्यानणियो करद्यो, म्हारा प्यारा भगवन् ॥
चन्दना री थे नाव तिराई, चंड कोशीये सद्गति पायी, 
संगम स्युं नहीं हारया हो, म्हारा प्यारा भगवन्, जन्म सार्थक करयो, म्हारा त्रिशला नन्दन ॥
राग-द्वेष भव भव भटकावै, चेतना पर परदो पड़ ज्यावै, वीतराग री वाणी हो, म्हारा प्यारा भगवन्, 
घट म च्यानणियो करद्यो, म्हारा त्रिशला नन्दन ॥
श्रद्धा, ज्ञान, मुक्ति रो मारग, बिना आचरण सरै न कारज, तप री ज्योति जगाई हो, म्हारा प्यारा भगवन,
 भव स्यूं पार उतारो हो, म्हारा त्रिशला नन्दन ॥
अनेकान्त रा थे उद्‌गाता, लाखां रा हो भाग्य विधाता, म्हारी नैया तारो हो, म्हारा प्यारा भगवन, 
घट म च्यानणियो करयो, म्हारा त्रिशला नन्दन

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