Mehandi Rachani& Bani Tera Bana Diwan’a 2 GEET

(तर्ज- तालरीया मगरीया रे)1
सुणो प्यारा बनासा ओ, बनड़ी बुलाव थान आज 
बेगा पधारो म्हार देश, देर क्यूं लगाई ओ २ 
शीश बनी के टीका लाना, टीके में प्यारे बना नगीना लगाना 
कान बनी के कुण्डल लाना, कुण्डल में प्यारे बना हीरा लगाना 
टीका लेकर जल्दी आना, कुण्डल लेकर जल्दी आना बनड़ी उडीक थान आज, बना थारी याद मे
 झुर-झुर पींजर होय, देर क्यूं लगाई ओ २ सुणो प्यारा बनासा ओ
(इसी तरह सभी गेणा का नाम लेणा)
***
2
मेंहदी राचणी रो पेड़ लगादयो जी बना मेहंदी राचणी टीको तो म्हार पीवरीय स्यू ल्याई-२ मेहंदी रो पेड नही ल्यायी  जी बना-
सात सहेल्या  मिल मांडी मेहंदी राचणी  बहना बेठ सुखाई जीबना मेंहंदी–
हाथा में  म्हारे राची मेहंदी राचणी, हिवडे मे राची थारी प्रीत जी बना मेंहदी राचणी
(तर्ज – चांद सी महंबुबा) 3
देख बन्ने रो रूप सलोनो मायड़ वारी जावै है – २
 हरखै मुलकै जतन करै है, लाड घणा लडावै है -२ 
बनड़े रो ब्याव मंड्यो घर में, म्हार आंगण आनन्द छायो हे २ सुगणा रो दिप जलायो हे, भुवा बैठी मंगल गाव है, बहना तो आरती उतार है। काका काकी न हरख घणो है, गावै धुम मचावै है, 
हरखै मुलकै शीश किलंगी फेटो सोवै, हीरां रो हार घड़ायो हैअचकन जरी री झीलक रही, कमर बन्धो खुब सजायो है, थांरी घड़ी जापानी सोवे है मोजा जुता जरी रा सोवै, चाल अनोखी चाल है, हरखे मुलकै …
थे चढ़ता सुरज हो बनड़ा थांस्यु भोर री किरणा चमकी है बनडो तो कुल रो दिवलो है, बनड़ी दिवल री ज्योती है, आ जोड़ी घणी सुहाई है रुनझु‌न रुनभून पायल बाजें भाभी घर में आई है, हरखे मुलकै
देख बन्ने रो
54(लय- दीदी तेरा देवर दीवाना)
बन्नी तेरा बन्ना दिवाना, हाय राम पापा से कह डाला
 अरे धन्धा हे ये इसका पटाना, हाय राम मम्मी से कह डाला ।
मैं बोली की लाना तुं चांद का टुकड़ा 
मगर वो ले आया है बन्नी का मुखड़ा 
अरे बन्नी को तो चांद मैने माना 
मैं बोली की लाना तुं जापानी गुड़ीया
 मगर वो ले आया है बम्बई की गुड़ीया 
अरे बन्नी का तो हूं मैं दिवाना। हाय राम भैया से …
 मैं बोली की लाना तु बन्नी का फोटो 
मगर वो ले आया है बन्नी को देखो 
अरे बन्नी को तो अपना मैने माना
 हाय राम फुंफा हाय राम जीजा हाय राम 

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