Haldi (Namkaran)

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हल्दी
पेलो मास होलरीयो जी भवरजी, म्हारो आल बोल जिव जाव म्हारा राज ।
दुजो मास होलरीयो जी भंवरजी, म्हारो तुक तल मन रलीयो म्हारा राज।
ओजी मृगानैणी रा भवरजी, म्हान झीणी केशर पावो म्हारा राज ।
केशर मुंगी ए मारवणी, आडोती हल्दी पीवो म्हारा राज ।
हल्दी बाड़ी लाग ओ भंवरजी, म्हारो केशर में मन रलीयो म्हारा राज ।
इगणो मास हुलरीयो ओ भंवरजी, म्हारो खीर खांड मन रलीयो म्हारा राज ।
चौथो मास हुलरीयो ओ भंवरजी, म्हारो राव दही मन रलीयो म्हारा राज ।
आतो साध भली छ ए मारवणी, सासुजी रली रे पुराव म्हारा राज ।
रलीरे पुराव ए मारवणी, पंसधारी ल्याय जीमाव म्हारा राज ।
पंचवो मास हुलरीयो ओ भंवरजी, म्हारो घेवरीया मन जाव म्हारा राज ।
छठो मास हूलरीयो ओ भंवरजी, म्हारो रसगुल्ला मन जाव म्हारा राज ।
आ तो साध भली छ ए मारवणी, भाभीसा रली रे पुराव म्हारा राज ।
रली ए पुराव ए मारवणी, बरफी तो ल्याय खीलाव म्हारा राज ।
सातवो मास हूलरीयो ओ भंवरजी, म्हारो दाल भात मन रलीयो म्हारा राज ।
आठवों मास हूलरीयो ओ भंवरजी, म्हारो लापसड़ी मन रलीयो म्हारा राज ।
आतो साध भली छ ए मारवणी, पाड़ोसण रली रे पुराव म्हारा राज ।
रली रे पुराव ए मारवणी, ऊपराड़ ल्याय झलाव म्हारा राज ।
ओजी मृगानैणी रा भंवरजी, म्हान झीणी केशर पावो म्हारा राज ।
केशर मुंगी ए मारवणी, आडोती हल्दी पीवो म्हारा राज ।
हल्दी बाडी लागी ओ भंवरजी, म्हारो केशरम मन रलीयो म्हारा राज ।
मुंगी सुंगी ल्याद्यो जी भवरजी, म्हारो केशर में मन रलीयो म्हारा राज ।
केशर को कांई मुंगो ओ भंवरजी, भंवरजी रो जीवड़ो काठो म्हारा राज ।
मास हूलरीया ओ भंवरजी, म्हारो काठ पील मन रलीयो म्हारा राज ।
आतो साध भली छ ए मारवणी, बेमाता रली रे पुराव म्हारा राज ।
बेमाता पुराव ए मारवणी, धेनड़ीयो शब्द सुणाव म्हारा राज ।
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