स्वागत गीत
(तर्ज-आने से उसके आये बहार)
हाथों में लेके फूलो का हार
सपने सजाये मन में हजार
श्रीमन हम आए है आप के स्वागत के लिये
नैन विछाये है, स्वागत के लिये
खिल गई ये बगिया, जब से आप पधारे
मिल गई है खुशियाँ जागे है भाग्य हमारे
भेंट देने के लिये पुष्प सजाए है स्वागत के लिये
नैन बिछाये है स्वागत के लिये
प्रार्थना है इतनी सदा, हम पर कृपा अपनी रखना
भटके न कभी ऐसा उपकार हम पर करना
आते ही रहना यू हीं श्रीमान, आस लगाये है स्वागत के लिये
नैन बिछाये है स्वागत के लिये