(तर्ज : जहाँ डाल डाल पे सोने की चिड़िया)
जहां हर दिल में महावीर की वाणी घर-घर करे बसेरा, जैन धर्म है मेरा,
जहां सत्य, अहिंसा और धर्म किपग पग लगता डेरा,
वो जैन धर्म है मेरा
जहाँ जैन मुनि तपवन में, जाकर तेरा ध्यान लगाया
तुमने उनको दी ज्ञान की ज्योति, जीवन बोध कराया। आचार्य मुनि तब जग में आकर, दिया ज्ञान का फेरा ॥
वो जैन धर्म है मेरा………॥
जहां जन जीवन हर कण कण चलता, तेरे हुक्म सेस्वामी हर क्षण हर पल की बातें, जाने अन्तर्यामि,
जहाँ तेरी मर्जी चन्दा माने, सूरज करे सबेरा ॥
वो जैन धर्म है मेरा………॥
सब णमोकार की फेरो माला, जीवन सफल बनाओ. दुर्बल की हरदम मदद करो, निर्बल को गले लगाओ जीओ ओर जीने दो का नारा,
दुर करे अंधियारा ॥ वो जैन धर्म है मेरा………॥