Kali Ji Ka Geet

-: काली जी :-

माताजी र ओरणमं जी ओ नारेला रो बिडलो जि ओ सुपारो बिडलो 
रोली र बिडल म्हारी आज भवानी बस रही
माताजी र ओरण में जी ओ मेहन्दी रो बिडलो, जि ओ काजलिय को बिडलो 
मोली र बिडल म्हारी आज भवानी बस रही
माता जी न ध्यावा जी ओ भगत जी ज्यारं तो हृदय म्हारी आज भवानी बस रही 
माताजी र ओरणम जी ओ चनड रो बिडलो जि ओ चडलरो बिडलो 
चावलीय र बिडल म्हारी आज भवानी बस रही माताजी न ध्याव जि ओ —
माताजी र ओरण म जि ओ चावलीयां रो भोग जि ओ लापसडी रो भोग अटक्या तो कारज म्हारी आज भवानी सारसी
*** १७

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