गुसाई बाबा की छावली (छायली)
“”” उत्तर दिखणस्यू आया धणी ओढला, जीओ म्हे कोई हवद् खुणाय वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल ,वारि सतजुग देवन ।।
जीओ ताल खुणावा धणी थारो जोड़लो, कोई ऊंचोड़ी बंधावा धोली पाल, वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल वारि जुंजाल र देवन ॥
जीओ दुधड़ला छलावा धणी धारो जोड़लो जीओ माखणिय बंधावा धोली पाल, वारि ओ गुसाई बाबा म्हें भल वारि-
जीओ, सूरज सामो धणी थारो देवरों, कोई धजा रे फरूख असमान वारि ओ गुसाईबाबा म्हे भल,वारि सतयुग देवन
जीयो नीप्यो तो डोल्यो धणी थारो देवरो कोइ दिवल री दूणी डोढी ज्योत
वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल वारि-
जीओ चढ़न चढ़ाव धणी थार खींचद्धी नारेला री हुव र उछाल वारि आओ गुसाई बाबा
जी ओ भोपा तो नाच धणी थार भाव सू, कोई कड़या रे लटकता जी केश, वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल, वारि –
जीओ सुरिया तो पिव धणी थारे ओछरया कोई झुमकड़ी सी आव पिणिहार, वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल—
जीओ देशा परदेशां धणी म्हारा ने फिरो थार सेवका री राखो रिछपाल, वारि यो गुसाई बाबा म्हे भल – –
जीओ घटी तो चूल्हा धणी म्हारा थे फिरों, राखो बहुआ रे बेटया री रिछपाल, वारि ओ गुसाई बाबा –
जीओ आलणिय, पालणिय धणी म्हारा थे फिरो राखो दूधा र पूता री रिछपाल, वारि ओ गुसाई बाबा–
जीओ म्हे थारी गावा धणी म्हारा छायली
कोई थे म्हार हाजर रा हुजूर वारि ओ गुसाई बाबा म्हे भल, वारि जुंजाल रे देवन
गुसाई बाबा की जय जय जय