लहर लहर लहराए रे, झंडा बजरंग बली का।।
इस झंडे में राम लखन हैं, सीता जी संग में सुहाए रे।।
इस झंडे में ब्रह्मा विष्णु, शंकर जी डमरू बजाए रे ।।
इस झंडे में चाँद सूरज हैं, तारे भी रंग जमाए रे ।।
इस झंडे में गंगा यमुना, सरस्वती बहती जाए रे।।
इस झंडे को ले के पवन सुत, सोने की लंका जलाए रे ।।
“तुलसीदास” बजरंगी का झंडा, सब को पार लगाए रे।।