Namkaran Ke Purane Geet,Tala,Badi Dayi

तालो

तालो तो कुण खुड़काइयो जी म्हार, ढ़लती सी मांझल रात ।
तालो तो धण खुड्काइयो जी म्हार, (Nam)क घर नार ।
जागोनी भंवर निन्दाल का जी, थारो पलंग परो सरकाय । चाली छ पीड़ ऊतावली जी, म्हार दाई माई न वेग बुलाय । दाई तो माई म्हारा थे बडा जी, म्हारो नाजूक जीव छुड़ाय । जायो छ धन बिलसावणो जी, म्हार सासूजी वेग बुलाय । सासुजी म्हारा थे बडा जी, म्हार सोहन थाल बजाय । जायो छ रली रे पुरावणो जी, म्हार भाभीजी बेग बुलाय । भाभीजी म्हारा थे बडा जी, म्हार रथड़ो सो पलंग बिछाय । दिवराणी म्हारा थे बडा जी, म्हार झबरक दीवलो संजोय । जायो छ बंश बधावणो जी, म्हारा सुसरो जी बेग बुलाय । सुसराजी म्हारा थे बडा जी, म्हार गीग न घंटी दीराय । जायो छ रली रे पुरावणो जी, म्हारा जेठसा बेग बुलाय । जेठसा म्हारा थे बडा जी, म्हार गेरो सो दरब लुटाय । देवर राजा म्हारा थे बडा जी, म्हार आंगण तणी रे बंधाय ।
बाइसा म्हारा थे बडा जी, म्हार साला र सखीया पुराय ।
साला र लिख‌द्यो सोहन साखीया जी, म्हार हंस हस लेवो रे तमोल ।
जायो छ बंश बंधावणे जी, म्हार पंडीत जी बेग बुलाय ।
पंडीतजी म्हारा थे बडा जी, म्हार गीग रो नाँव पुजाय ।
नाइका बेटा म्हारा थे बडा जी, म्हार बान्दरवाल बंधाय ।
कुमार रा बेटा म्हारा थे बडा जी, म्हार गेरो सो ढोल गुराय ।जायो छ रली रे पुरावणो जी,
 म्हारा बिरा जी बेग बुलाय । बिरोजी म्हारा थे बडा जी, म्हार सुरंगो सो पीलो ओढाय । 
मारुजी म्हारा थे बडा जी, म्हारी मोरा स्यूं मुठ भराय । गितेरण्या म्हारी थे बडी जी, म्हार गेरा सा मंगल गाय । जायो छ बंश बधावणे जी, म्हार उदो ए यो प्रभात ।
***बड़ा दाई
सार रमन्ता पीव जी ओ राजा सार रमन्ता पीव चौपड पासा दूर करो अलबेला चौपड़ा पासा दूर करो ।
पासा धरो सामली साल जी ओ राजा पासा धरो सामली साल, साथीड़ा न सीख देवो, अलबेला साथीड़ा न सीख देवो ।
सदा ए सुरंगी घर री नार जी ओ राजा सदा ए सुरंगी घर री नार, बिरंगा क्यू रे फीरो, अलबेला बिरंगा क्यूं रे फीरो।
लाज शरम री जी बात जी ओ राजा लाज शरम री जी बात राजीन्द आग क्या रे केवां, अलबेला राजीन्द आग क्या रे केबा ।
टसमस दुःख छ पेट जी ओ राजा टसमस दुःख छ पेट, कमर माय चीस चाल, अलबेला कमर माय चीस चाल ।
हुय घुड़ल असवार जी ओ राजा हुय घुड़ल असवार, दाई माई न ल्यावण जावो, अलबेला दाई माई न ल्यावण जावो ।
हंस हंस बांधी छ पाग जी ओ राजा मुलकत मोजा पेरीया अलबेला’ होय घुड़ल असवार जी ओ राजा राजीन्द दाई न ल्यावण गया अलबेला पुछ शहर को जी लोग जी ओ राजा दाई माई रो घर किस्यो अलबेला सूरज सामी जी पोल जी ओ राजा पिछोकड एलची अलबेला’ बैठा दाई दुलीचो बिछाय जी ओ राजा’ बोल दाई गरब भरी अलबेला’ कांई रे अलुजी थांरी बेन जी ओ राजा काई थारी भावजी अलबेला नहीं रे अलुजी म्हारी बेन जी ओ दाई नहीं म्हारी भावजी अलबेला अलुजी छ घर की नार जी ओ दाई क चालो ऊंतावला अलबेला जे थार जनमलो पुत जी ओ राजा दाई माई न क्या रे देवो अलबेला
मण रे गेवां री जी पोट जी ओ दाई पिलो मोती चर रो अलबेला’
नौ रे तोला रो जी हार जी ओ दाई अठार रो बाललो अलबेला’ मोरां भरावं यांरी मूठ जी ओ दाई रुपीया स्यूं कोथली अलबेला झीरमीर बरसलो मेव जी ओ राजा ये म्हारो थीरमो जी ओढ़ जी ओ राजा गलीयां म मच रयो कीच जी ओ राजा उगाड़ा ना रे चालां अलबेला’ उगाड़ा म्हे रे चालां अलबेला’ उपाला ना रे चालां अलबेला ये घुड़ला असवार जी ओ दाई उपाला म्हें रे चालां अलबेला आया दाई डोढ्यां र माय जी ओ राजा क सुगन भला ह्या अलबेला जिवण डढुक्या जी सांड़ जी ओ राजा डाई बोली कोचरी अलबेला आया दाई कमरा र माय जी ओ राजा धेनड़ राजा जन्म लिया अलबेला दाई माई री मोटो जी पेट जी ओ राजा जच्चा राणी लाज मर अलबेला दाई माई री आंख्या म गीड जी ओ राजा जच्चा राणी सुग कर अलबेला’ दाई माई री पटल्यां म सुंठ जी ओ राजा दाई माई चोरटा अलबेला’ है कोई देवर जेठ जी ओ राजा दाई माई न देवो रे धक्का अलबेला पुत दियो भगवान जी ओ राजा दाई म्हारो क्या रे कर्यो अलबेला आंगण व्यायी छ गाय जी ओ राजा पिछोकड़ कुकरी अलबेला’ भाग सकतो भाग जी ओ दाई धाबल थांरो फाड़सी अलबेला बुलावो धेनड़ीय रो बाप जी ओ राजा अब थार जन्मयो छ पुत जी ओ राजा मण रे गेवां री जी पोट जी ओ दाई वे म्हासु कोल कर्यो अलबेला दाई माई न क्या रे देवो अलबेला पीलो मोती चुर रो अलबेला मोर भरावं थांरी मुठ जी ओ दाई रुपीयां स्यूं कोथली अलबेला नौ रे तोला रो जी हार जी ओ दाई अठार रो बाललो अलबेला’ राजी खुशी घर जाय जी ओ दाई क फेर बुलायस्यां अलबेला
जीवो रे धेनडीय रो बाप जी ओ राजा जच्चा राणी सात जणो अलबेला
सुगणो हालरीय रो बाप जी ओ राजा क नुगरी मावड़ी अलबेला’
***

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top