मंत्र नवकार है
(लय : चुप-चुप खड़े हो……….)
ॐ का अनूप रूप मंत्र नवकार है,
सर्व सिद्धिदायक जपो मंत्र नवकार है – २
१. णमो अरिहंताणं पद यह महान है,
सर्व सिद्धियों का मंगल प्रधान है।
मंत्राधिराज वीतरागता साकार है।
सर्व सिद्धिदायक
२. णमो सिद्धाणं अद्वितीय मंत्र है,
सच्ची उपासना से बनता स्वतंत्र है,
विघ्न और बाधाओं का सही प्रतिकार है
सर्व सिद्धिदायक
३. णमो आयरियाणं भावना से बोलो,
एक-एक शब्द उसका श्रद्धा से तोलो
विश्व की विभूति जैन शासन श्रृंगार है।
सर्व सिद्धिदायक
४. णमो उवज्झायाणं महामन्त्र बोलिये,
आगम की वाणी से मोक्ष द्वार खोलिए।
ज्ञानियों के ज्ञान का यही तो सच्चा सार है।
सर्व सिद्धिदायक
५. ॐ णमो लोए सव्वसाहूणं का ध्यान हो,
बुझने न पाए ज्ञानदीप सावधान हो।
तन्मय जो धरता ध्यान उसका बेड़ा पार है।
सर्व सिद्धिदायक
६. जाप यह अखण्ड महापंचपरमेष्ठी का,
होता है कल्याण जाप जपने से सृष्टि का।
सदा संत श्रावकों को तो इसी का आधार है।
सर्व सिद्धिदायक