श्रद्धा से नमन करें हम, तेरा अनुसरण करें हम । पल-पल में स्मरण करें हम, महावीर स्वामी ।।
१. भौतिक सुख छोड़ सारे, संयम का पथ अपनाया, ममता के तोड़ धागे, आत्मा में ध्यान लगाया ।
जग को परिवार बनाया, तूं मैं का भेद मिटाया,
करुणा का रस बरसाया, महावीर स्वामी ।।
२. भीषण उपसर्ग तुमने, समता से सहन किए थे,
तप की पावक में कर्मबंधन सब दहन किये थे ।
गुण की गंगा में न्हाएं, कल्मष सब दूर हटाएं,
जीवन हम सफल बनाएं, महावीर स्वामी ।।
३. समता सद्भावना का, तुमने संदेश दिया था,
हिंसा के बीज मिटाओ, तुमने उपदेश दिया था ।
सोया संसार जगाया, मन का भ्रमजाल मिटाया,
भूलों को पथ दिखलाया, महावीर स्वामी ।।
४. दीनों दलितों में तुमने, आत्मिक विश्वास जगाया, दुःखित पीड़ित मानस में, अभिनव उल्लास जगाया । शिक्षाएं मंगलकारी, गुणफूलों की फुलवारी,
हम हैं सारे आभारी, महावीर स्वामी ।।
लय : ओ प्यारे त्रिशला नंदन
रचयिता : राकेश मुनि