श्री भिक्षु का नाम
लय : महावीर का नाम मंगल मंगल है
श्री भिक्षु का नाम सुन्दर सुन्दर है।
मेरे सांवरिया का काम सुन्दर सुन्दर है। ॥ स्थायी ॥
दीपां ने दीप जलाया, वह नई रोशनी लाया,
अंधियारा दूर भगाया, तेरापंथ हमें दिखाया,
पंथ यह सुन्दर है, मेरे सांवरिये का नाम… ॥१॥
बगड़ी से चरण बढ़ाये, ओरी अन्धेरी आये,
सिरियारी संत कहाये, तेरे चरणों शीष झुकायें,
जन्म तेरा सुन्दर है, मेरे सांवरिये का नाम… ॥२॥
तेरा दर्शन कितना सुन्दर, तेरा चिन्तन कितना सुन्दर,
तेरा आसन कितना सुन्दर, तेरा शासन कितना सुन्दर, संघ यह सुन्दर है, मेरे सांवरिये का नाम… ॥३॥
तुम महापुरुष कहलाये, कष्टो से नहीं घबराये,
जो शरण तुम्हारी आये. वह अजर अमर बन जाये.
त्याग तेरा सुन्दर है, मेरे सांवरिये का नाम… |
जो मन से अलख जगाये, वह निश्चित दर्शन पाये,
जब-जब कठिनाई आये. तेरे सुमिरण से मिट जाये,
जाप तेरा सुन्दर है, मेरे सांवरिये का नाम… ॥14 11