मोरखाणा सू माता कियो रे उमावो ,घर घनश्याम जी रे आया मोरी माय
सूता थे जागो बीर, पुष्पा बाईरा थारे आंगणिये सुराणी माता माल मोर माय
माता जी तो आय सुराणी मार मन भाया ,महार आंगणिये री जोत सवाई मोर माय
सूता थे जागो बीर, किटी बाईरा थारे आंगणिये सुराणी माता माल मोर माय
माता जी ओ आय सुराणी म्हार मन भाया, थारे सेवका री राखो रिछपाल मोर माय
“माता जी ओ आय सुराणी म्हार मन भाया थारे
बहुआ रे बेटया री रिछपाल मोर माय
माता जी ओ आय सुराणी म्हार मने भाया थारे
दूधा रे पूतारी रिछपाल मोर माय