गुसाई बाबा की छायली-२
मुम्बई तो बाजा बाजिया, कोई जुंजाल में गोरया रे निशाण वारि जाऊं बाब ने ॥
कोई शेरेरां में गोरया रे निशान वारि जाऊं बांबे ने
ताल खुणावां बाबा जोड़लो कोई ऊंचोड़ी बंधावा धोली पाल, वारिजाऊं बाबे ने ॥
दूधड़ला छलावा बाबा जोड़लो, कोई माखणिय बंधावा धोली पाल ,वारि जाऊं बाबे ने
सूरज सामो बाबा देवरो, कोई धजा रे फरुख असमान, वारि जाऊ बाबे ने ।।
नीप्यो तो डोल्यो बाबा देवरो कोई दिवल री दूणी डोढी ज्योत वारि जाऊं बाबे ने ।।
चढन-चढ़ाव खींचदी ( खींचडो,) कोई नारेला री हुव रे उछाल ,वारि जाऊ बाबे ने
भोपा तो नाच बाबा भाव स्यूं कोई कड्या रै लटकता जी केश वारि जाऊं बाबे ने ।।
सूरिया तो पिव धणी थारे ओछरया, कोई झुमकड़ी सी आव पिणीहार, वारि जाऊं बाबै न ।
देशा परदेशा बाबा थे फिरो थारै सेवगा री राखो रिछपाल वारि जाऊं बाबे ने ।।
घटी तो चूल्हा बाबा थे फिरो, राखो बहुआ
रे बेट्या री रिछपाल, वारि जाऊं बाबे ने
आलणिय पालणिय बाबा थे फिरो, राखो दूधारे पूतारी रिछपाल वारि जाऊं बाबे ने ।
म्हे थारी गांवा धणी म्हारा छायली थे म्हार हाजर रा हुजूर वारि जाऊं बाबै ने ।।